आध्यात्मिक चेतना, ५०० वर्ष प्राचीन संजीवनी समाधि, अखंड तपस्या एवं निःस्वार्थ मानव सेवा को समर्पित पावन तीर्थ।
श्री सिद्ध नारायण टेकड़ी महाराष्ट्र के ऐतिहासिक एवं धार्मिक तीर्थ क्षेत्र रामटेक (नागपुर) के अम्बाला सरोवर तट पर स्थित ५०० से अधिक वर्ष प्राचीन जागृत संजीवनी समाधि एवं तपोभूमि है। यह स्थल परम पूज्य समर्थ सद्गुरु नारायण स्वामी जी महाराज के प्रथम अवतार की पावन समाधि भूमि है।
श्री दरबार किसी भी प्रकार के बाजारीकरण से परे, पूर्णतः आध्यात्मिक निष्ठा, भगवद् आराधना, योग साधना एवं समाज सेवा पर आधारित है। पूज्य दत्तगुरु बालयोगी छोटू बाबा एवं परम पूज्य ताई महाराज के पावन संकल्पों के अनुसार यहाँ आने वाले प्रत्येक भक्त को सात्विक शांति, दिव्य ऊर्जा और अंतःकरण की शुद्धि प्राप्त होती है।
सद्गुरु नारायण स्वामी दरबार ट्रस्ट समाज कल्याण, आध्यात्मिक चेतना एवं सनातन मूल्यों के संरक्षण हेतु निरंतर सेवारत है।
५०० वर्ष पूर्व ली गई संजीवन समाधि के भीतर प्रज्वलित अखंड ज्योति तथा स्वामी जी के शेषस्वरूप विग्रह की नित्य वैदिक पूजा, अभिषेक एवं मर्यादा की रक्षा करना।
परम पूज्य ताई महाराज के पवित्र वचन "इस स्थान का कभी बाजारीकरण मत करना" को सिरोधार्य करते हुए यहाँ प्रत्येक सेवा पूर्ण निष्ठा एवं निःस्वार्थ भाव से संचालित होती है।
मराठी, हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषाओं में सद्गुरुओं की दिव्य लीलाओं, इतिहास एवं नित्य प्रार्थनाओं का प्रामाणिक साहित्य प्रकाशित कर जन-जन तक पहुंचाना।
अम्बाला सरोवर एवं नारायण टेकड़ी की हरियाली, स्वच्छता तथा औषधीय वृक्षारोपण की रक्षा कर इसे शांत एवं पवित्र प्राकृतिक तपोभूमि के रूप में संजोए रखना।
मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है — श्री दरबार में नित्य रूप से यह चार पावन स्तंभ क्रियाशील रहते हैं।